जबलपुर। म० प्र. तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने जारी विज्ञप्ति में बताया की सी. एम. राईज प्राचार्य बरेला डी. के. गुप्ता द्वारा अपनी शाला में 12 वर्षो से पदस्थ सफाई कर्मी श्री सूरज प्रसाद समुन्द्रे को शाला उन्नयन पश्चात प्राचार्य द्वारा एम. पी. कान लिमिटेड भोपाल को प्रस्ताव न भेजकर उसे कार्य से पृथक करा दिया गया है, जबकि संबंधित सफाई कर्मी लगभग 12 वर्षो से अपना काम निष्ठा व ईमानदारी से करता चला आ रहा है प्राचार्य द्वारा अपने चहेतों को सफाई कर्मी, चौकीदार, सुरक्षा गार्ड, अपने स्वेच्छा अनुसार एम.पी. कॉन की मिलीभगत से नियुक्त दिया गया, जबकि श्री सूरजज समुन्द्रे सफाई कर्मी 800 प्रतिमाह के वेतन से स्कूल में कार्य कर रहा था, जिसकी पुष्टिी उसके हर माह आने वाले वेतन पास बुक से की जा सकती है। सफाई कर्मी के अनुभव को दरकिनार कर दिया गया। जिसकी शिकायत जिले वरिष्ठ अधिकारियों को की गई है। प्राचार्य प्रताडना से दलित परिवार आर्थिक तंगी से झूझ रहा है।
संघ के योगेन्द्र दुबे, अर्वेन्द्र राजपूत, अवधेश तिवारी, अटल उपाध्याय, यू.एस. संतोष करौसिया, चूरामन गुर्जर, के. पी. झारिया, एस. के. रैदास, प्रहलाद उईके, कावेरिया, राजेन्द्र कुमार प्रधान, सुनील परस्ते, मेवा राम झारिया, चंदु डोंगरे, अशीष कोरी, सुरेन्द्र झारिया, एन. एस. धुर्वे, एम.पी. ओटीयाम, राजेन्द्र समुन्द्रे, आर. के. कतिया, नितिन कोरी, आदि ने एस. पी. जबलपुर से मांग की है कि दलित सफाई कर्मी को नौकरी से जबरिया बाहर कर प्रताडित करने वाले प्राचार्य पर एफ. आई.आर दर्ज कर पीडित परिवार को न्याया दिलाने की मांग की है।
जबलपुर संभागीय ब्यूरो चीफ सम्यक एक्सप्रेस से राजकुमार यादव की रिपोर्ट