बछरावां पुलिस ने अंधेरगर्दी की हद की पार,कार्यवाही शून्य,जिम्मेदार खामोश

पेट्रोल से शव जलाना,ये अंतिम संस्कार है ?

पुलिस की सहभागिता व संदिग्ध भूमिका के चलते निशाने पर यूपी सरकार

पुलिस ने जबरन कराया अंतिम संस्कार,दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग

रायबरेली।रायबरेली की बछरावां पुलिस ने अंधेरगर्दी की हद ही पार कर दी।बछरावां स्थित चुरुवा की चांदनी के साथ पति समेत पांच दरिंदों ने संभावित गैंगरेप किया है।लेकिन रात के अंधेरे में पुलिस वालों ने जो किया क्या वो चांदनी के परिवार की भावनाओं का सामूहिक बलात्कार नहीं है।देर शाम बछरावां पुलिस चांदनी के पार्थिव शरीर को लेकर चुरुवा गांव पहुंची तो ग्रामीण पुलिस वालो के आगे उस वक्त लेट गए जब वह चांदनी के शव का रात के अधेरे में अंतिम संस्कार करने जा रहे थे फिर भी बछरावां पुलिस का दिल नहीं पसीजा।दरिंदों ने तो इस बेटी की जिंदगी छीनी थी लेकिन बछरावां पुलिस ने तो इस बेटी से अंतिम संस्कार का हक ही छीन लिया।जरा सोचिए किसका गुनाह बड़ा है।गांव वाले रीति रिवाज की दुहाई देते रह गए लेकिन बछरावां पुलिस ने जबरन चांदनी के शव पर पेट्रोल डालकर अंतिम संस्कार कर दिया।न कोई परिवार वाला और न कोई गांव वाला पुलिस ने ही अंतिम संस्कार कर दिया।बछरावां पुलिस की अंधेरगर्दी तो देखिए पुलिस ने स्वयं पेट्रोल की व्यवस्था कर शव जलवाया।रात का अंधेरा चोर,उचक्कों,बदमाशों और अपराधियों के लिए मुफीद होता है लेकिन रात के इसी अंधेरे में बछरावां पुलिस ने जो गुनाह किया है उसे छिपाने के लिए कोई कोशिश नहीं की।कैमरा के सामने ही पेट्रोल की व्यवस्था की,कैमरे के सामने ही चांदनी के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए,कैमरे के सामने ही शव को जलवाया।जिसमें शव के साथ ही सच भी जल गया।बछरावां पुलिस की अंधेरगर्दी दिन के उजाले में जब दुनिया के सामने उजागर हुई तो बछरावां पुलिस और प्रशासन के लिए मुंह छिपाना मुश्किल हो गया।रात में पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों की मर्जी से उलट चांदनी का अंतिम संस्कार कर दिया गया।इस मसले पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की काफी किरकिरी हो रही है और विपक्ष लगातार सवाल दाग रहा है।साथ ही सोशल मीडिया पर ये मसला बड़ा होता जा रहा है,जहां लोग पुलिस के एक्शन पर सवाल उठा रहे हैं।गांवों वालों के भारी विरोध के बीच चुरुवा गैंगरेप पीड़िता का रात के अंधेरे में अंतिम संस्कार कर दिया गया।पीड़िता का शव देर शाम बछरावां स्थित चुरुवा गांव पहुंचा,जहां ग्रामीणों ने भारी विरोध किया,लेकिन भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच पीड़िता का अंतिम संस्कार कर दिया गया।योगी राज वाले यूपी के रायबरेली में कलेजा चीर देने वाली घटना दिखी।बछरावां पुलिस की ओर से जल्द से जल्द अंतिम संस्कार करने की कोशिश की गई,जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया।बाद में पुलिस ने खुद ही चांदनी का अंतिम संस्कार कर दिया।बछरावां के चुरुवा गांव में अंतिम संस्कार की जल्दी किसे थी..? पुलिस को,आखिर क्यों..? यही वह सवाल जिसके “आखिर” ने खाकी को शर्मसार कर दिया और “क्यों” ने अफसरों को मुंह छिपाने पर मजबूर का दिया है।पीएम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई है।फिर भी पुलिस को रात में पेट्रोल ड़ालकर शव क्यों जलवाना पड़ा? कोतवाल और चौकी इंचार्ज अनुज तोमर पार्टी बनते क्यों नजर आए ? फॉरेंसिक टीम क्यों नहीं बुलाई गई ? डीजल पेट्रोल से क्यों जलाया गया ? क्या ये सभी सवाल उसी चिता में जल गए,जिसमें उत्तराखंड की बेटी धीरे धीरे जली थी!पुलिस ने सच्चाई छिपाने के लिए मृतका के पति को गिरफ्तार दिखाकर जेल भेज दिया है।जबकि प्रधानपति का बयान सामने आया है जिसमें उनके द्वारा रेप किये जाने की बात कही जा रही है।हालांकि पुलिस रेप की बात से इंंकार कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ब्रेन हैमरेज से हुई मौत की बात कह रही है।गांव में चांदनी के इंसाफ के लिए कैंडिल मार्च निकाला गया तो भारत की कम्युनिस्ट पार्टी,सपा व कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल भी गांव पहुंचा और मामले की जानकारी ली साथ ही सभी ने भी न्यायिक जांच की मांग की है।साथ ही पुलिस की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए अविलंब दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की मांग की।वहीं प्रभारी मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने भी एसपी को चुरुवा हत्याकांड में कार्यवाही के निर्देश देते हुए बछरावां पुलिस द्वारा चांदनी के शव को पेट्रोल डालकर रात में जलाने को गलत ठहराया है।

चांदनी को इंसाफ दिलाने के लिए सड़क पर उतरे ग्रामीण👎

पति जीतू सिंह के साथ विवाह कर उत्तराखंड राज्य से 500 किलोमीटर दूर रायबरेली के बछरावां में प्रेम प्रसंग के चलते शादी कर आई चांदनी अपने पति के साथ पूरा जीवन गुजारने की और जीने मरने की कसमें खाई थी।उसी के हैवान पति ने चांदनी की मांग से सिंदूर पोंछ डाला।भले ही चांदनी के परिवारीजन यहां ना हो,और उसके लिए लड़ाई ना लड़ रहे हो,लेकिन ग्रामीण हर संभव मदद दिलाए जाने व न्याय दिलाए जाने के लिए सड़कों पर उतरकर पुलिस से लड़ाई लड़ रहे हैं।घटना की निष्पक्ष जांच हो इसलिए ग्रामीणों ने चुरुवा गांव से बछरावां कस्बे तक कैंडल मार्च निकाला है।ग्रामीणों ने कहा है कि जब तक मृतका चांदनी को न्याय नहीं मिलेगा तब तक वह उसे न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।मुकदमे में हेराफेरी पर पुलिस की कार्यशैली से गांव के लोग आक्रोशित हैं।

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