सीजेएम रायबरेली के आदेश पर तत्कालीन सलोन कोतवाल संजय त्यागी समेत 10 अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
एडवोकेट अर्चना द्वारा दायर फौजदारी मुक़दमे के तहत 7 दिन के अंदर प्राथमिकी दर्ज करने का हुआ था आदेश
रायबरेली बीते साल जुलाई 2022 में सलोन थाने के अंतर्गत केवली महिमा गांव की रहने वाली सीता उर्फ गीता देवी की जमीन पर दबंग भूमाफिया राजेश कुमार की नीयत खराब हो गयी थी, सीता देवी की भूमि को राजेश कुमार ने स्थानीय निवासी हमीदुनिशा से बैनामा लिया था, जिसका कथित बैनामा हमीदुनिशा ने सीता देवी के ससुर संतलाल से लिया था पर कभी भी जमीन पर काबिज नहीं हो पाई | जब हमिदुनिशा को लगा कि वही जमीन पर काबिज नहीं हो पाएगी तो उसने वह जमीन औने-पौने दाम में स्थानीय भू माफिया राजेश कुमार की पत्नी विद्यावती को बेंच दिया | जिसके एक शाम बाद दबंग भू-माफिया राजेश कुमार ने सलोन थाने से सेटिंग बनाकर थाने के पुलिस को साथ लेकर सीता देवी की भूमि पर कब्जा करने पहुंच गए और खड़ी फसल को ट्रैक्टर चलवा दिया जिसका सीता देवी सहित पूरे परिवार ने विरोध किया तो सलोन पुलिस ने सीता देवी व 19 वार्षिय पुत्री को थाने उठा ले गए | सीता देवी के पति इन्द्रपाल जिले के किसान संगठन “जय किसान आंदोलन” से जुड़े है इसलिए उन्होंने अपने संगठन के साथियो से सम्पर्क करके घटना की पूरी जानकारी दी और उसके बाद जय किसान आंदोलन के पदाधिकारी पुष्कर पाल ने ट्विटर के माध्यम से यूपी पुलिस और रायबरेली पुलिस से संबंधित घटना की जानकारी मांगी व उचित कार्यवाही करने का अनुरोध किया | इसके बाद रायबरेली पुलिस ने मामले मे लीपा-पोती करते हुए सीता देवी को ही अपराधी घोषित करने लगी और सीता देवी व उसकी पुत्री को महिला थाना रायबरेली में होने की सूचना दी जिसके बाद संगठन से जुड़े कार्यकर्ता वहां पहुंचे तो सीता देवी को चोटिल अवस्था में लेकर सलोन पुलिस पहुंची, मामला अधिवक्ता अर्चना श्रीवास्तव के संज्ञान में आया तब उन्होंने पीड़ित सीता व उनकी बेटी के साथ मिल कर बात की तब सीता व उनकी बेटी ने बताया कि सलोन पुलिस ने उनके साथ क्रूर व अश्लील हरकत की है | विरोधियों पर पुलिस द्वारा कोई कोई कार्यवाही नहीं की गयी बल्कि उल्टे पीडिता को धमकाने व पुलिस के गलत आचरण का मामला सामने आया था | उक्त घटना की शिकायत एसपी व डीएम रायबरेली से भी की गयी थी पर कोई नतीजा नहीं निकला | इसके बाद एडवोकेट अर्चना ने मामले को सिविल कोर्ट रायबरेली में 156/3 के तहत मुक़दमा डाल दिया जिस पर सुनवाई करते हुए सीजेएम कोर्ट रायबरेली के द्वारा मामले मे संज्ञान लेते हुए प्रार्थनी सीता देवी व उसकी पुत्री के साथ मारपीट, जान से मारने की धमकी, शारीरिक छेड़छाड़ व अश्लील व्यावहार के आरोप में दोषी पुलिस कर्मियों व अन्य के खिलाफ 7 दिन के अन्दर मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया था और जिसके उपरांत 10 अक्टूबर 2024 को तत्कालीन सलोन कोतवाल संजय त्यागी समेत एक दर्जन पुलिस कर्मियों एवं विपक्षी विद्यावती, राजेश कुमार एवं कड़ेदीन के खिलाफ धोखाधड़ी एवं छेड़छाड़ जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा लिख दिया गया है |